तो दोस्तों बात करते हैं ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) के बरे में। ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) आपको भारत में देखने को नहीं मिलेगा। यह उत्तरी अमेरिका में पाई जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Actaea racemosa है। यह परमपरिक रूप से महिलाओं के हॉर्मोन असंतुलन और मेनोपोज़ के लक्षणों को कम करने के लिए इस्तेमल किया जता है। इस पौधे की जड़ और तने इन दोनों को सुखाकर इसका पाउडर भी इस्तेमल कर सकते हैं और इसके कैप्सूल भी इस्तेमल किए जा सकते हैं। अगर आप खरीदना चाहते हैं तो आपको इसका लिंक मिल जाएगा।
आजकल ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) बहुत ज्यादा फेमस हो गया है तो आपको इसकी जानकारी होनी चाहीई तो बात करते हैं। ब्लैक कोष के फायदों के बारे में
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) के मुख्य फायदे,
हॉर्मोन संतुलित बनाए रखने में फायदेमंद |Maintaining Hormonal Balance
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) एस्ट्रोजन जैसे प्रभाव उत्पनन करती है जिससे की पीरियड एनिमित होने पीसीओएस (PCOS)) या हॉर्मोन असंतुलन की स्थिति में कुछ राहत मिल सकती है।
मनोपोज के लक्षणों से राहत |Relief from symptoms of manopause
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) महिलाओं केमेनोपॉज़ के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों में मदद करता है। यह हॉट फ्लैश यानी की गर्मी के एहसास ,नींद में कमी, चीड़चिड़ापन, मूड स्विंग ऐसी समस्याओं को कम करने में भी फायदेमंद मानी जाती है तो 45 के बाद की महिला के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
हड्डियों में मज़बूती | Bone Strength
40 या 45 के बाद वैसे भी हड्डियों में कमजोरी आने लगती है तो कुछ शोधों के अनुसार ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) शरीर में एस्ट्रोजन की कमी से होने वाले हड्डियों के कमजोरी को ठीक करती है और आपकी हडि्डयां मजबूत होती है।
मासिक धर्म के दर्द से राहत | Menstrual pain relief
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) में एंटी-स्पास्मोडिक (Antispasmodic) गुण होते हैं, जो गर्भाशय की मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और पीरियड के दर्द को कम करती है। इसलिए आपको काफी फायदे दे सकती है।
निंद में सुधार और तनाव कम करती है। Improve Sleep
मेनोपॉज़ के दौरान नींद न आने और चिंता की समस्या आने लगती है तो ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो कीस्ट्रेस कम करती है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) के नुकसान | Side Effects of Black Cohosh
चाहे ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) एक प्राकृतिक जड़ी बूटी है लेकिन अगर आप इसका लंबे समय तक इस्तेमल करते हैं या फिर गलत तरीके से इस्तेमल करते हैं, तो आपको फायदे होने के बजाय नुकसान भी हो सकते हैं जैसे की।
लिवर पर असर | Effect on Liver
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) का अधिक सेवन करने से लिवर पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे की लिवर इनफेक्शन या डैमेज का खतरा बढ़ता है।
पेट में गर्मी |Heat in the Stomach
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) से पेट में गर्मी हो सकती है जिससे की मतली, उल्टी या पेट दर्द की ऐसी समस्याएं हो सकती हैं।
हार्मोनल प्रभाव | Hormonal Effects
यह जड़ी बूटी एस्ट्रोजन जैसी क्रिया करती है, जिससे गर्भवती महिलाऐं, स्तनपान करवाने वाली माताओं या हॉर्मोन संवेदनशील रोगों से ग्रस्त महिलाओं को इससे बचाना चाहोये।
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) का उपयोग कैसे करें?
ब्लैक कोहोश (Black Cohosh) कैप्सूल आप कैप्सूल या टेबलेट के रूप में ले सकते हैं।
बाजार में यह 40mg या 80mg की खुराक में उपलब्ध है। आप दिन में एक से दो बर भोजन करने के बाद एक गिलास पानी के साथ ले सकते है
अगर आप इसकी जड़ का सेवन करना चाहते हैं तो एक चामच सुखी जड़ का पाउडर 10 मिनट पानी में उबाल कर पी सकते हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी : किसी भी हर्बल सप्लीमेंट को डॉक्टर यह आयुर्वेदीसी विशेषाग्य की सलाह के बिना इस्तेमल ना करें।
सावधानीयां | Precautions
- गर्भवती महिलाऐं इसका सेवन ना करें।
- यादी लिवर या हार्मोंई समस्या है तो भी इसका सेवन ना करें।
- किसी भी अन्य दवा के साथ ब्लैक कोहोश लेने से बचे
- 6 महीने से अधिक लगातर सेवन है ना करें।
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