Giloy ke Fayde | गिलोय के औषधीय गुण , फायदे , नुकसान

giloy ke fayde

आपने गिलोय ( Gaduchi) के बारे में अनेक बातें सुनी होंगी और शायद गिलोय के कुछ फायदों के बारे में भी जानते होंगे, लेकिन यह पक्का है कि आपको गिलोय के बारे में इतनी जानकारी नहीं होगी, जितनी हम आपको बताने जा रहे हैं। गिलोय के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में बहुत सारी फायदेमंद बातें बताई गई हैं। आयुर्वेद में इसे रसायन माना गया है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

गिलोय के पत्तो का आकार पान के पत्ते की तरह होता हैं। गिलोय की इस पत्ती में इतने गुण छिपे होते है जिसके कारण यह अमृता नाम से भी जानी जाती है। गिलोय की पत्‍तियां नीम और आम के पेड़ों के आस पास ही पाई जाती हैं। जिस पेड़ से यह लिपटती हुई बढ़ती है उनके गुणों को भी अपने में समाहित कर लेती है। इस कारण से नीम पर चढ़ी गिलोय (Gaduchi) सबसे श्रेष्ठ औषधि मानी जाती है।

गिलोय के फायदे

इम्यूनिटी बढ़ाएं
गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो खतरनाक रोगों से लड़कर शरीर को सेहतमंद रखते है । गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। नियमित रूप से गिलोय का जूस पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

झुर्रियां व मुहांसे करे गायब
गिलोय फेस पर आई झुर्रियों व मुहांसों को खत्म करने का अच्छा ट्रीटमेंट है। इसके लेप को पंद्रह मिनट तक फेस पर लगाने के बाद ठंडे पानी से धो लें। जल्द ही फर्क नजर आएगा।

खून की कमी करे दूर
रोजाना सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद के साथ लेने से शरीर में खून की कमी दूर हो जाती है क्योंकि गिलोय इम्युनिटी और डिजीज रजिस्टेंस पावर को बढ़ाता है जिससे हमारा बीमारियों से भी बचाव होता है।

दूर करे मोटापा
मोटापा से परेशान व्यक्ति को रोजाना गिलोय का सेवन करना चाहिए। इसके एक चम्मच रस में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से मोटापा दूर हो जाता है। इसके अलावा अगर पेट में कीड़े हो गए हों और कीड़े के कारण शरीर में खून की कमी हो रही हो तो पीड़ित व्यक्ति को कुछ दिनों तक नियमित रूप से गिलोय का सेवन कराना चाहिए।

आंखों की रोशनी बढ़ाये
जिनकी आंखों की रोशनी कम हो रही हो, उन्हें गिलोय के रस को आंवले के रस के साथ देने से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है और आंख से संबंधित रोग भी दूर होते हैं। गिलोय एक शामक औषधि है, जिसका ठीक तरह से प्रयोग शरीर में पैदा होने वाली वात,पित्त और कफ से होने वाली बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है।

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पाचन रहे दुरुस्त
गिलोय के रस का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। हमारा पाचन तंत्र ठीक रहे, इसके लिए आधा ग्राम गिलोय पाउडर को आंवले के चूर्ण के साथ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। गिलोय शरीर में खून के प्लेटलेट्स की गिनती को बढ़ाती है।

पीलिया के मरीजों के लिए
पीलिया के मरीजों के लिए गिलोय लेना बहुत ही फायदेमंद है. कुछ लोग इसे चूर्ण के रूप में लेते हैं तो कुछ इसकी पत्त‍ियों को पानी में उबालकर पीते हैं. अगर आप चाहें तो गिलोय की पत्त‍ियों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं. इससे पीलिया में फायदा होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है.

गिलोय के फायदे मधुमेह को रोके
डायिबिटीज भारत जैसे देशों में एक आम समस्‍या बन चुकी है। लेकिन गिलोय के फायदे मधुमेह को रोकने में सहायक होते हैं।इसलिए यह जड़ी बूटी मधुमेह रोगीयों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। गिलोय विशेष रूप से मधुमेह प्रकार 2 का प्रभावी इलाज कर सकता है। मधुमेह रोगी अपने रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने के लिए गिलोय जूस का सेवन कर सकते हैं। यदि आप भी मधुमेह रोगी हैं तो गिलोय के फायदे आपके लिए हो सकते हैं।

दमा से दिलाए राहत
गिलोय का रस दमा के इलाज में बहुत फायदेमंद है। अस्थमा से होने वाली तकलीफों जैसे छाती में जकड़न, खांसी, सांस में घरघराहट आदि में गिलोय आराम देता है। नीम व आंवला के साथ इसके मिक्सचर को खाने से असर जल्दी होता है।

पैरो की जलन दूर करे
अगर आपके पैरो में बहुत जलन होती है इस जलन से छुटकारा पाने के लिए गिलोय बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते और आंवला के साथ मिलाकर इसका काढ़ा बना लें। इसका सेवन रोज कम से कम दो या तीन बार करें। ऐसा करने से आपके हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाएगी।

गिलोय का घरेलू प्रयोग कैसे करें? / How to use Giloy at Home

  1. ज्वर या बुखार होने पर: 4-5 इंच गिलोय के टुकड़े के साथ एक चम्मच धनिया तथा एक टुकड़ा नीम की छाल का आंतरिक भाग मिला कर काढ़ा बना कर लेना बुखार में फायदेमंद है या गिलोय का 4-5 इंच टुकड़ा लेकर उसके साथ 2-3 तुलसी के पत्ते तथा इतनी ही कालीमिर्च लेकर काढ़ा बना कर पीना भी बुखार में फायदेमंद है अथवा केवल गिलोय का काढ़ा बनाकर पीना भी बुखार में आराम देता है स्वाद के लिए इसमें शहद,गुड अथवा चीनी डाल सकते हैं।
  2. डेंगू बुखार में: Platelets कम होने पर गिलोय के रस के साथ, aloevera juice,अनार का juice तथा पपीते की पत्तियों का रस मिलाकर लेना फायदेमंद माना जाता है।
  3. मधुमेह या diabetes में: गिलोय का रस कुछ समय तक लगातार दिन में 2 बार लेना मधुमेह में फायदेमंद है।
  4. जोड़ों के दर्द में: गिलोय का काढ़ा बनाकर उसमें 10-20 ml अरंडी का तेल मिलाकर सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
  5. अगर आपके कान में दर्द है तो भी गिलोय की पत्त‍ियों का रस निकाल लें. इसे हल्का गुनगुना कर लें. इसकी एक-दो बूंद कान में डालें. इससे कान का दर्द ठीक हो जाएगा.

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