Himalaya Reosto के फायदे, नुकसान और उपयोग | Bone Health आयुर्वेदिक सप्लीमेंट

आज के समय में हड्डियों से जुड़ी बहुत सी समस्याएं देखने को मिल रही हैं जैसे कि हडि्डयां कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस या कैल्शियम की कमी। ऐसे में Himalaya Reosto एक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट है जो कि हड्डियों के लिए बहुत लोकप्रिय हो रहा है। 

यह खासकर महिलाओं के मेनोपॉज़ के बाद हड्डियों की कमजोरी को दूर करता है और बुजुर्गओं के लिए भी काफी फायदेमंद माना जता है। 

Himalaya Reosto क्या है? 

Himalaya Reosto Himalaya Herbal द्वारा बनाया गया प्रोडक्ट है , जो की हड्डियों की मजबूती और जोड़ो के लिए फायदेमंद है। इसमें गोदन्ती भस्म, गुगल के साथ-साथ बाला और अर्जुन डाला गया है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ बोन डेंसिटी बढ़ाने और फ्रेक्च के रिस्क को कम करने में मदद करती है,और आपकी हड्डियों को पोषण देती है। 

हिमालय रिओस्टो के मुख्य घटक

Himalaya Reosto में मुख्य आयुर्वेदिक घटक डाले गए हैं जैसे कि

अर्जुन : जो कि हड्डियों को मजबूती देता है। 

हड़जोड़: यह टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने और हड्डियों को मजबूती देने में काम करता है। 

शंख भस्म: यह प्राकृतिक केल्सियम देने का काम करता है। 

लक्षादी गुग्गुल: यह टूटी हुई हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद होता है। 

मजिष्ठा : यह भी कैलशियम की कमी को दुर करता है। 

Himalaya Reosto के फायदे 

हड्डियों को मजबूत बनाता है

जैसा की हमने शुरू में बताया की यह हड्डियों के लिए ही बनाई गई एक आयुर्वेदिक दवा है तो यह हड्डियों को मजबूती देता है और हड्डियों में होने वाले कमजोरी को दूर करता है। 

बोन डेंसिटी बढ़ाये 

क्योंकी यह हड्डियों के घनत्व यानी कि बोन डेंसिटी बनाए रखता है। इसलिए अगर आपकी हड्डिया मजबूत नहीं है तो आप इसका फायदा ले सकते है। 

जोड़ो की दर्द से राहत  

आजकल लोगों को जोड़ों के दर्द खास करके वेज लोगों में ऐसी समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है, तो यह जोड़ो की दर्द को भी दूर करता है 

सूजन को कम करता है। 

अगर आपकी जोड़ों या हड्डियों में सूजन हो जाए तो उसके लिए भी फायदेमंद है। सूजन को दूर करता है और दर्द से राहत मिलती है 

महिलाओं के लिए फायदेमंद 

हिमालय रिओस्टो महिलाओं के मेनोपोज़ के बाद जो केल्सियम की कमी होती है उसे रिकवर करने में मदद करता है। इसलिए महिलाओं को भी यह काफी अच्छा फायदा देता है। 

उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की कमजोरी 

आपको पता है की 35 के बाद हड्डियों में कमजोरी देखने को मिलती है तो अगर आप भी 35 की उम्र के ऊपर है तो हडि्डयां कमजोर होना स्वाभाविक है तो इसका सेवन कर सकते हैं। 

हॉर्मोन को बैलेंस करता है। 

हिमालय रियोस्टो, पैराथाइरोइड हार्मोन और प्रोस्टाग्लैंडीन से हड्डियों की कमजोरी के होने वाले प्रभावों को कम करने में मदद करता है। 

Himalaya Reosto के चिकित्स्कीय उपयोग। 

Himalaya Reosto चिकित्सा के रूप में भी उपयोग किया जाता है जैसे कि  

  • कैलशियम की कमी 
  • हड्डियों में कमजोरी 
  • मेनोपॉज़ के बाद बोन लॉस 
  • जोड़ों और हड्डियों का दर्द 
  • सूजन इत्यादि  

Himalaya Reosto का सेवन कैसे करें? 

Himalaya Reosto एक हर्बल औषधि है इसलिए इसका असर थोड़ी देर बाद देखने को मिल सकता है। शुरू शुरू में 2 गोली दिन में 2 बार सुबह शाम लेने की सलाह दीजाती है। बाद में आप 1 गोली भी कर सकते हैं। 

कैसे खाये : इसे खाने के बाद गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना सही रहता है। 

Himalaya Reosto के साइड इफेक्ट एवं सावधानीयां 

आमतौर पर यह एक आयुर्वेदिक दवा है, फिर भी हल्के छोटे-मोटे साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं,जैसे कि  

  • गैस या पेट में भारी लगना
  • मतली  
  • कब्ज 
  • एलर्जी आदि

कोई गंभीर साइड इफेक्ट दिखे तो सेवन करना बंद कर दे 

Himalaya Reosto किन लोगों को सेवन नहीं करना चहिये 

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ डॉक्टर से पूछकर ही लें
  • पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग
  • अगर आप पहले से कैल्शियम या अन्य दवाएँ ले रहे हैं
  • Himalaya Reosto बताई गई मात्रा से अधिक न ले 

निष्कर्ष 👍

Himalaya Reosto केवल पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी अच्छा फायदा देती है।, इसे  दवा नहीं बल्कि  सप्लीमेंट के तौर पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरुर ले ले

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