कौंच बीज (Kaunch Beej) यौन कमजोरी के लिए बहुत प्रभावी जड़ी बूटी है। kaunch beej एक भारतीय जडीबूटी है। इसका वानस्पतिक नाम Mucuna pruriens है। यह भारत के लोकप्रिय औषधीय पौधों में से एक है। यह अधिकांश उपमहाद्वीपों में फैला हुआ है और भारत के मैदानी इलाकों में झाड़ियों और हेजेज और शुष्क-पर्णपाती, कम जंगलों में पाया जाता है।
कौंच बीज (मुकुना प्र्यूयेंस) को प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति में हजारों वर्षों से पार्किंसंस से लेकर बांझपन तक की चीजों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। यह एल-डोपा का एक अच्छा स्रोत है, जो डोपामाइन का एक अग्रदूत है।
कौंच बीज (Kaunch Beej) को प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति में हजारों वर्षों से पार्किंसंस से लेकर बांझपन तक की चीजों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। यह एल-डोपा का एक अच्छा स्रोत है, जो डोपामाइन का एक अग्रदूत है।
कौंच बीज की तासीर गरम होती है | पाचन के पश्चात कौंच के बीज का विपाक मधुर होता है | यह वातशामक और कफपित्त वर्द्धक है | आयुर्वेद चिकित्सा में इससे वानरी गुटिका , माषबलादी आदि औषध योग बनाये जाते है |
कौंच बीज के फायदे : Kaunch Beej benefits
संलग्न लिबिडो और सेक्सुअल परफ़ॉर्मेंस
यौन इच्छा की कमी दूर कर के , उसे बढ़ाने के उपचार के लिए कौंच बीजों का उपयोग किया जाता है। यह शरीर के भीतर फ्री रेडिकल को कम करने में मदद करता है। कौंच बीज (Kaunch Beej) यौन क्रिया के लिए बहुत ही शक्तिशाली होती है।
टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है
कौंच बीज (Kaunch Beej) टेस्टोस्टेरोन के स्तर को सुधारने और सामान्य रूप से शारीरिक हार्मोन थायरॉइड को वापस करने और सेक्स टाइम को बढ़ाने में मदद करता है। पुरुषों में बांझपन की समस्या भी इससे दूर किया जाता है। यह टेस्टिकल्स के कार्य को प्रोत्साहित कर पिट्यूटरी ग्रंथि के कार्य को सुधारने में मदद करता है, जिससे शरीर में अधिक मात्रा में स्वस्थ्य और गतिशील शुक्राणुओं के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है

ED-इरेक्टाइल डिसफंक्शन दूर करे
जिन लोगो को समय से पहले स्खलन (premature ejaculation) और इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या होती है उनके लिये ये लाभदायक होता है.आज कल काम के बोझ की वजह से , स्ट्रेस की वजह से ऐसी समस्या होने लगती है।
मूड को अच्छा करता है
कई वैज्ञानिक शोधों और रिसर्च स्टडीज़ से यह बात सामने आई है कि कौंच बीज (Mucuna Pruriens) में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व, विशेष रूप से L-DOPA, दिमाग में डोपामिन के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं। इसी कारण यह डिप्रेशन, मानसिक तनाव, चिंता और मूड स्विंग्स को कम करने में सहायक माना जाता है।
फेट और सेल्यूलाइट को कम करता है
आयुर्वेदिक अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि कौंच बीज में मौजूद प्राकृतिक बायोएक्टिव कंपाउंड्स शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे फैट सेल्स का जमाव कम होता है। नियमित और सही मात्रा में सेवन करने पर यह सेल्यूलाइट की समस्या को घटाने, त्वचा की बनावट सुधारने और शरीर को अधिक टोन व स्लिम लुक देने में सहायक माना जाता है।
इम्यूनिटी बढ़ाता है
कौंच बीज इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, आवश्यक अमीनो एसिड और औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, बार-बार होने वाले संक्रमण से बचाते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक होते हैं।
ब्रेन फंक्शन सही करता है
कौंच बीज ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से एल-डोपा पाया जाता है, जो दिमाग में डोपामिन हार्मोन का स्तर बढ़ाने में मदद करता है। इससे याददाश्त मजबूत होती है, एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक थकान कम होती है और स्ट्रेस, एंग्जायटी व डिप्रेशन जैसे मानसिक लक्षणों में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जाता है।
चेहरे को रिन्कल कम करता है
कौंच बीज चेहरे की त्वचा के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, अमीनो एसिड और पोषक तत्व त्वचा की कोशिकाओं को पोषण देते हैं, कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करते हैं और समय से पहले आने वाली झुर्रियों (रिंकल्स) को कम करने में सहायक होते हैं, जिससे चेहरा अधिक युवा, स्मूद और चमकदार दिखाई देता है।
कोलेस्ट्रॉल को सही रखता है
कौंच बीज शरीर में कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स और बायोएक्टिव तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं, साथ ही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बनाए रखने में सहयोग करते हैं, जिससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रहता है और रक्त संचार भी सुचारु बना रहता है।
कौंच बीज के नुकसान
कई बार कौंच का सेवन करने वाले लोगों के मांसपेशियों में अनैच्छिक गति भी देखी जाती है. इसके इस्तेमाल के दौरान आपके हाथ-पैर के मूवमेंट में गड़बड़ी भी आ सकती है. इसलिए सावधान रहें.
इस दवा को डॉक्टर की देखभाल में लें।
• कौंच बीज सेवन से उल्टी, भूख की कमी, अनियमित दिल की धड़कन, और कम रक्तचाप हो सकता है।
• इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
• इसे ज्यादा न लें।
कुछ अन्य सावधानियाँ भी जरूरी हैं
कौंच के बीज को बच्चों के पहुँच से दूर ही रखें तो ठीक रहेगा. गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कौंच के बीज से बनी कोई भी दवाई नहीं लेनी चाहिए. यदि आवश्यकता पड़े तो आपको चिकित्सक से परामर्श लेने में देरी भी नहीं करनी चाहिए.
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