Stamina Badhane ke Upaye in Hindi : स्टैमिना कैसे बढ़ाये

Stamina kaise badhaye

स्टैमिना ( Stamina) मतलब आंतरिक बल। साधारण शब्दों में कहा जाये तो स्टैमिना का मतलब होता है व्यक्ति द्वारा किसी भी कार्य को मानसिक या शारीरिक रूप से लंबे समय तक जारी रखना। स्टैमिना को हम बहुत चीजो से जोड़ा जाता है खेल, व्यायाम, पैदल चलना, दैनिक दिनचर्या में मेहनत वाले कामों या सेक्स इत्यादि . इन सभी कामो को करने के लिए आपको आन्तरिक बल यानि के स्टैमिना की आवश्यकता पड़ती है , जितना अधिक आपमें स्टैमिना होगा आप उतनी ज्यादा देर तक और उतना अच्छा वो काम कर पाएंगे.

एनर्जी या स्टैमिना कैसे बढ़ाएं – How To Increase Stamina

स्टैमिना बढ़ाने का मतलब है शरीर में कमजोरी दूर करना, शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से खुद को स्ट्रॉन्ग करना ताकि आप जो भी काम करें, बिना रुके और बिना थकावट के पूरा कर सकें। वैसे आप बाजार में उपलब्ध विटामिन्स और सप्लीमेंट्स की मदद से आसानी से शरीर के स्टैमिना या एनर्जी को बढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर आप नैचुरल तरीके से अपना स्टैमिना बढ़ाना चाहते हैं तो कई सरल तरीकों और घरेलू उपायों को भी आजमा सकते हैं। तो हम इस लेख में वैसे ही कुछ तरीके बता रहे हा जिनहे आपना कर आप अपना स्टैमिना बढ़ा सकते है.

ओट्स ( Oats)

आज कल ओट्सबहुत फेमस हो गए है .अगर आप नाश्ते में ओट्स का सेवन करते हैं तो सुस्ती और थकान आप से कोसों दूर रहेंगी।इसमें फाइबर और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जोकि आपके शरीर के स्टैमिना को सही रखता है। ओट्स धीरे- धीरे पचते हैं, जिससे कि काफी लंबे समय तक शरीर को एनर्जी मिलती रहती है।

केला खाए ( Eat Banana )

केला में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटेशियम और फ्रुक्‍टोज आदि की अच्‍छी मात्रा होती है। अगर स्टैमिना और एनरजी बढ़ाना चाहते है तो आप केला का सेवन कर सकते हैं। नियमित रूप से केला खाने से सहनशक्ति में भी वृद्धि होती है। यदि आप अपने दौड़ने की क्षमता बढ़ाना चाहते हैं तो केला को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

शकरकंदी ( Sweet Potato )

शकरकंदी को एनर्जी का पिटारा कहा जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व हेल्थ के लिहाज से काफी फायदेमंद होते हैं। आयरन की कमी से हमारे शरीर में एनर्जी नहीं रहती, रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है और ब्लड सेल्स का निर्माण भी ठीक से नहीं होता है लेकिन शकरकंद आयरन की कमी को दूर करने में काफी मददगार है।

चुकंदर का जूस ( Beet Juice)

नियमित रूप से चुकंदर जूस का सेवन कर आप थकान आदि से भी छुटकारा पा सकते हैं।चुकंदर में पोटेशियम, फाइबर, विटामिन सी और विटामिन ए की उच्‍च मात्रा होती है। ये सभी पोषक तत्‍व सहन‍शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। जो लोग दौड़ने का अभ्‍यास करते हैं उनके लिए चुंकदर का जूस बहुत ही फायदेमंद होता है।

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ड्राई फ्रूट्स ( Dry Fruits)

ड्राई फ्रूट्स आपको ऊर्जा दिलाने के साथ ही शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में सहायक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि ड्राई फ्रूट्स में बहुत से पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो आपकी एनर्जी और स्टैमिना को बढ़ाने में सहायक होते हैं। सूखे फलों में विटामिन के अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड की अच्‍छी मात्रा होती है जो आपके शरीर को उचित ऊर्जा दिलाने में सहायक होती है।

कॉफी ( Coffee)

आप तनाव से राहत पाने और त्‍वरित ऊर्जा प्राप्‍त करने के लिए कॉफी का सेवन कर सकते हैं। यह आपके मस्तिष्‍क को उत्‍तेजित और सक्रिय करता है जिससे आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में वृद्धि होती है। जिससे स्‍पष्‍ट होता है कि कॉफी का सेवन आपकी सहनशक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। हालांकि अधिक मात्रा में कॉफी का सेवन हानिकारक हो सकता है क्‍योंकि इसमें कैफीन की मात्रा उच्‍च होती है। इसलिए अपनी रनिंग स्‍टैमिना बढ़ाने के उपाय में आप कॉफी की नियंत्रित मात्रा का सेवन कर सकते हैं।

किशमिश ( Kishmish)

किशमिश में बहुत अधिक औषधीय गुण पाए जाते है].स्टेमिना बढ़ाने के लिए शहद और किशमिश का मेल एक रामबाण इलाज़ हैं। कांच के बर्तन में 300 ग्राम किशमिश और शहर डालकर 48 घंटे तक रखें। इसके बाद रोजाना सुबह खाली पेट 4 -5 किशमिश शहद में डूबी हुई खाएं, कुछ ही दिनों में आपका स्टेमिना बढ़ जायेगा।

स्टेमिना बढ़ाने वाले पूरक ( Stamina Supplements)

स्टेमिना बढ़ाने के लिए सफेद मुसली विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों जैसे, आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा आदि में सफेद मुसली का उपयोग होता आ रहा है। ये एक जड़ी-बूटी है, जो शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिये काफी मशहूर है। इसका उपयोग इन्फर्टिलिटी और स्पर्म की कमी को दूर करने के लिए और यौन शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता था।

अश्वगंधा ( Ashwagandha)

अश्वगंधा को प्राचीन काल से इस्तेमाल किआ जा रहा है .यह वो प्राचीन जड़ी बूटी है जो मन और शरीर के बेहतरीन प्रदर्शन को दर्शाती है। अश्वगंधा की जड़ों को त्वचा सबंधी बीमारियों के निदान हेतु भी प्रयोग में लाया जाता है। यह यौन शक्ति बढ़ाकर प्रजनन क्रिया को ठीक रखती है।

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