दोस्तों, आजकल लोग मोटापे से बहुत ज्यादा परेशान है। अगर कोई व्यक्ति मोटा हो जाए तो वह देखने में अच्छा नहीं लगता और बीमारियाँ जो लगती हैं वह अलग। अगर आप भी मोटापे से परेशान हैं तो यह लेख आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद हो सकता है। इस लेख में हम हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल ( Himalaya Ayurslim) के बारे में बात करेंगे जो कि मोटापे को कम करने के लिए बनाया गया है।
हिमालय आयुर्सलिम उन लोगों के लिए बनाया गया है। जिनकी बॉडी फैट 30 से 35% है। इसे महिला और पुरुष कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। अगर आप जिम के साथ हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल (Himalaya Ayurslim) का सेवन करेंगे तो यह दुगने असर भी दे सकता है।
ज्यादातर मोटापा गलत खान पान और गलत टाइमिंग की वजह से होता है तो चलिए बात करते हैं हिमालय आयुर्सलिम के बारे में
हिमालय आयुर्सलिम के घटक : Himalaya Ayurslim Composition
हिमालय आयुर्सलिम में मुख्य तौर पर पांच तत्व डाले गए हैं।
- हरीतकी 10mg
- गार्सीनिया कंबोर्गिया 300mg
- गुग्गुल 70mg
- मेथी के बीज 10mg
- जिमनेमा 10mg
- नमक वाले पानी से नहाने के फायदे | Salt Water Bath Benefits
- वजन घटाने के लिए रात में क्या खाना सही है? पूरी गाइड
- Zandu Shiljit Gold Plus : फायदे, नुक्सान और उपयोग
- Aptivate Syrup:फायदे, नुकसान और उपयोग
- माजूफल के फायदे,नुकसान और उपयोग | Benefits of Majuphal
हरीतकी | Haritaki
हरीतकी को अंग्रेजी में चब्युलिक मायरोबलन भी कहा जाता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और आंतों की सफाई करने का मुख्य काम करता है। यदि आपकी आंते स्वस्थ होंगी तो आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होगी। हरीतकी ज्यादातर कब्ज के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।
गार्सीनिया | Garcinia
गार्सीनिया को वेट लॉस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह वसा को जमा नहीं होने देता और बॉडी फैट कम करने में भी मदद करता है। यदि आपकी बॉडी में ज्यादा फैट है तो उसे धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है।
गुग्गुल | Guggul
गुग्गुल, जिसे इंडियन बडेलियम भी कहा जाता है, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक रेज़िन है जिसका उपयोग सदियों से सेहत सुधारने के लिए किया जाता है। यह न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाकर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है।
मेथी के बीज | Fenugreek seeds
मेथी के बीज भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं। यह भूख को दबाने का काम करते हैं जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती रहती। इनमें मौजूद घुलनशील फाइबर पेट में जाकर जेल जैसा रूप बना लेता है, जो पाचन धीमा करता है और अचानक लगने वाली भूख को रोकता है। यही कारण है कि वजन नियंत्रित करने में मेथी के बीज बेहद उपयोगी माने जाते हैं।
जिन्मेमा | Ginema
जिन्मेमा, जिसे गुडमार के नाम से भी जाना जाता है, एक बेहद उपयोगी औषधीय पौधा है। इसकी पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह न केवल आंतों की सफाई करने में सहायक है बल्कि आपके इंसुलिन स्तर को नियंत्रित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे ब्लड शुगर संतुलित रहता है।
हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल के फायदे: Himalaya Ayurslim Benefits

- हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल ( Himalaya Ayurslim) का मुख्य काम शरीर में जमा अत्यधिक वसा को कम करना है।
- हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल आपके अत्यधिक वजन को भी कम करने का काम करता है।
- हिमालय आयुर्सलिम में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कि सुस्ती इत्यादि को दूर करते हैं।
- हिमालय आयुर्सलिम आपके दिल को भी सही रखते हैं क्योंकि यह कैस्ट्रोल को बैलेंस करने का काम करते हैं।
- हिमालय आयुर्सलिम लिपिड प्रोफाइल को भी कम करने का काम करती है।
हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल कैसे इस्तेमाल करें : How to use Himalaya Ayurslim
आयुर्सलिम की 60 कैप्सूल की पैकिंग आती है जिनमें 2 कैप्सूल प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है यह आप सुबह और दोपहर को खाना खाने के बाद ले सकते हैं इसे पानी के साथ ही लेना चाहिए. हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल ( Himalaya Ayurslim) को नियमित तीन से चार महीने इस्तेमाल करें तभी आपको अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। अगर आप रोजाना व्यायाम करते हैं तो आपको परिणाम जल्दी देखने को मिल सकते हैं।
वजन घटाने के लिए रात में क्या खाना सही है? पूरी गाइड
हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल की कीमत : Himalaya Ayurslim Price
हिमालय आयुर्सलिम की कीमत ₹240 है जिसमें आपको 60 कैप्सूल की डिब्बी मिलती है।
हिमालया आयुरस्लिम खरीदे
हिमालया आयुरस्लिम कैप्सूल के साइड इफेक्ट : Himalaya Ayurslim Side Effects
वैसे तो हिमालया आयुरस्लिम में सभी आयुर्वेदिक चीजें ही डाली गई है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है, लेकिन फिर भी कई बार समस्या हो सकती है तो इन बातो को ध्यान में जरूर रखना चाहिए जैसे कि।
- गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- पीलिया या फिर गुर्दे से जुड़े रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- अगर आपको इस के किसी भी इनग्रेडिएंट से एलर्जी है तो पहले आप चेक कर ले फिर ही इस्तेमाल करें।
- अगर आप हाई बीपी की परेशानी से जूझ रहे हैं तब भी आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
- हिमालय आयुर्सलिम का सेवन केवल 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ही करना चाहिए
- अगर आपकी पहले से ही कोई दवाई चल रही है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
यह भी पढ़े :
- WEIGHT LOSS vs FAT LOSS : क्या है बेहतर
- बिना एक्सरसाइज वज़न काम करने के आसान उपाए
- गाल की चर्बी कैसे कम करे
Hamari naso ki dawa chal Rahi hai kya ham eska paryog Kar skate hai